हिन्दी हैं हम ......हिन्दी हमारी शान है ! हिन्दी हैं हम ......हिन्दी हमारी शान है !

!!  हिन्दी के बारे में विभिन्न महापुरुषों के वचन !! हिंदी का काम देश का काम है, समूचे राष्ट्रनिर्माण का प्रश्न है - बाबूराम सक्सेना। ह...

Read more »
4:04 AM

हमें गर्व है हिंदी के इस प्रहरी पर हमें गर्व है हिंदी के इस प्रहरी पर

शास्त्री जे सी फिलिप एक समर्पित लेखक, अनुसंधानकर्ता , एवं हिन्दी-सेवी हैं. उन्होंने भौतिकी, देशीय औषधिशास्त्र, और ईसा के दर्शन शास्त्र मे...

Read more »
4:01 AM

हमें गर्व है हिंदी के इस प्रहरी पर .... हमें गर्व है हिंदी के इस प्रहरी पर ....

कुसुम कुमार, अरविंद कुमार .........मोनिअर-विलियम्स के ज़माने में अँगरेज भारत पर राज करने के लिए हमारी संस्कृति और भाषाओं को पूरी तरह समझन...

Read more »
4:28 AM

नए ब्लोगर भी शामिल हो सकते हैं परिकल्पना ब्लॉग उत्सव-२०१० में नए ब्लोगर भी शामिल हो सकते हैं परिकल्पना ब्लॉग उत्सव-२०१० में

कहा जाता है कि यदि चाहत सबल हो तो लक्ष्य मुश्किल नहीं होता । जब मैंने परिकल्पना ब्लॉग उत्सव की उद्घोषणा की थी तब शायद मुझे भी यकीन नहीं था ...

Read more »
8:50 AM

भारत के सनातन दर्शन वेदांत के सबसे प्रभावशाली मतों में से एक है अद्वैतवाद भारत के सनातन दर्शन वेदांत के सबसे प्रभावशाली मतों में से एक है अद्वैतवाद

अद्वैत - (संस्कृत शब्द, अर्थात अद्वैतवाद या एकत्ववाद या दो न होना), भारत के सनातन दर्शन वेदांत के सबसे प्रभावशाली मतों में से एक, इसके अन...

Read more »
5:34 AM

आत्मा रहित तत्त्व को अजीव कहा जाता है....निर्जीव नहीं आत्मा रहित तत्त्व को अजीव कहा जाता है....निर्जीव नहीं

आप सजीव और निर्जीव के बारे में भलीभांति जानते होंगे , मगर क्या निर्जीव की  जगह आपने कभी अजीव का प्रयोग किया है ? आपका जवाब होगा नहीं .....! ...

Read more »
4:15 AM

ये अक्रियावाद क्या है ? ये अक्रियावाद क्या है ?

आज हम बात करने जा रहे हैं "अ " वर्णानुक्रम के अर्न्तगत आने वाले एक ऐसे शब्द के बारे में जो साधारणतया देखने और सुनने में सहज प्रतीत...

Read more »
3:25 AM

अग्नि : भारतीय परंपरा की महत्वपूर्ण अवधारणा अग्नि : भारतीय परंपरा की महत्वपूर्ण अवधारणा

अग्नि हिन्दी में तत्सम के रूप में प्रयुक्त होने वाला शब्द है , जिसका अर्थ होता है आग । यह एक मूलभूत पदार्थ और भारतीय परम्परा की एक महत्वपूर...

Read more »
5:42 AM

जहाँ समाप्ति की नियति है वहां हर कर्म क्षणिक और अपने लिए गढा गया हर अभिप्राय भ्रम होता है . जहाँ समाप्ति की नियति है वहां हर कर्म क्षणिक और अपने लिए गढा गया हर अभिप्राय भ्रम होता है .

आज से हम शुरू कर रहे हैं अनमोल शब्दों की प्रासंगिकता सहित प्रस्तुति । हिंदू धर्म का अन्तिम संस्कार है अंत्येष्टि , जबकि हिन्दी शब्दकोष में ...

Read more »
3:43 AM

अनमोल शब्दों की सार्थक प्रस्तुति अनमोल शब्दों की सार्थक प्रस्तुति

यह ब्लॉग अभी प्रक्रिया में है ......भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़े हिंदी के दुर्लभ-विस्मयकारी और महत्वपूर्ण शब्दों की व्याख्या, शब्दों की उत...

Read more »
5:43 AM
 
Top