हमारे स्वयं के हित में है जल व अन्य संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हमारे स्वयं के हित में है जल व अन्य संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग

     कुछ दिन पहले एक विवाहोत्सव में जाना हुआ। भव्य आयोजन था। खाना शुरू करने से पहले हाथ धोने के लिए पानी की तलाश की लेकिन कहीं पर भी प...

Read more »
12:02 AM

वक्त की ’आंधी’ में गुम हो गईं सुचित्रा सेन वक्त की ’आंधी’ में गुम हो गईं सुचित्रा सेन

स्मृति शेष (मृत्यु 17 जनवरी )        फि ल्मों की दुनिया बड़ी  निराली होती है। ग्लैमर, चकाचैंध और शोहरत से भरपूर। नायक-नायिका जब परदे प...

Read more »
11:26 PM

दलित समाज की व्यथा दलित समाज की व्यथा

अभी हाल ही में मेरा एक  उपन्यास आया है  ताकि बचा रहे लोकतंत्र  जिसकी यत्र -तत्र-सर्वत्र  चर्चा हो रही है  इसी चर्चा के क्रम में  आज दैनिक जन...

Read more »
8:27 PM

सुबह-ए-बनारस सुबह-ए-बनारस

एक कविता करतालों की जगह बजने लगा है पाखण्ड अन्धविश्वास रुढियों को कंधे पे लटकाए सीढियां चढ़ रहा है चट्ट चट्ट लज्जित है सुबह क...

Read more »
1:28 AM

गुरु का अभिप्राय गुरु का अभिप्राय

गुरु (संस्कृत शब्द, अर्थात भारी या महत्वपूर्ण, इसलिए आदरणीय या श्रद्धेय ), हिन्दू धर्म में एक व्यक्तिगत अध्यात्मिक शिक्षक या निर्देशक, जिसने...

Read more »
12:53 AM

अज़ान का मतलब है उद्घोषणा अज़ान का मतलब है उद्घोषणा

हमारा भारतीय समाज कई संस्कृति और कई भाषाओं का अनोखा गुलदस्ता है , गाहे- बगाहे हमें विभिन्न भाषाओँ के उन शब्दों को अंगीकार करने की आवश्यकता म...

Read more »
1:30 PM

अनुरोध है, .... इस यात्रा में शामिल हों अनुरोध है, .... इस यात्रा में शामिल हों

"ले अभाव का घाव ह्रदय का तेज मोम सा गला अश्रु बन ढला सुबह जो हुई सभी ने देख कहा --- शबनम है !" - सरस्वती प्रसाद ज़िन्दगी के दर्द...

Read more »
8:00 AM

अपनी सकारात्मक सहभागिता का विश्वास दिलाता हूँ : सुमन सिन्हा अपनी सकारात्मक सहभागिता का विश्वास दिलाता हूँ : सुमन सिन्हा

जैसा कि आप सभी को विदित है कि आगामी कुछ महीनों बाद लखनऊ में अन्तराष्ट्रीय हिंदी ब्लॉग उत्सव मनाने की तैयारी चल रही है और इसके क्रियान्वयन ...

Read more »
12:40 AM

क्या हिन्दी में बेहतर ब्लॉग लेखन की शुरुआत हो चुकी है ? क्या हिन्दी में बेहतर ब्लॉग लेखन की शुरुआत हो चुकी है ?

आज जिस प्रकार हिंदी ब्लॉगर साधन और सूचना की न्यूनता के बावजूद समाज और देश के हित में एक व्यापक जन चेतना को विकसित करने में सफल हो रहे हैं...

Read more »
4:28 AM

सलाम एक ग़रीब की महानता को सलाम एक ग़रीब की महानता को

आज दिनांक 31.05.2010 को परिकल्पना ब्लोगोत्सव-2010 के अंतर्गत बीसवें दिन के कार्यक्रम का लिंक - ब्लोगोत्सव की आखिरी परिचर्चा : क्या आत्मा अ...

Read more »
8:06 AM
 
Top